google.com, pub-8818714921397710, DIRECT, f08c47fec0942fa0 वाराणसी कचहरी: अब 'पार्किंग पास' से सुलझेगी जाम की गुत्थी; वकीलों को मिलेंगे विशेष पार्किंग पास - Purvanchal samachar - पूर्वांचल समाचार

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

ads

वाराणसी कचहरी: अब 'पार्किंग पास' से सुलझेगी जाम की गुत्थी; वकीलों को मिलेंगे विशेष पार्किंग पास

वाराणसी। कचहरी परिसर और उसके आसपास की सड़कों पर काफी समय से नासूर बनी 'अव्यवस्थित पार्किंग' की समस्या को खत्म करने के लिए ट्रैफिक प...

वाराणसी। कचहरी परिसर और उसके आसपास की सड़कों पर काफी समय से नासूर बनी 'अव्यवस्थित पार्किंग' की समस्या को खत्म करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अब एक निर्णायक मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। बार और बेंच के बीच हुए लंबी मंत्रणा के बाद अब कचहरी के आसपास केवल उन्हीं वाहनों को जगह मिलेगी, जिन पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी 'विशेष वाहन पास' चस्पा होगा।
Varanasi News 🗞️, Purvanchal Samachar, image
Purvanchal Samachar 

आज से वितरण: COP और वाहन संख्या से लैस होगा पास

ट्रैफिक इंस्पेक्टर अनुराग त्यागी के नेतृत्व में इस योजना को मंगलवार से अमली जामा पहनाया जाएगा। सेंट्रल बार एसोसिएशन के सभागार में पास वितरण का कार्य शुरू होगा। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी यह है कि हर पास पर संबंधित अधिवक्ता की सीओपी (COP) संख्या और उनके वाहन का नंबर अनिवार्य रूप से अंकित होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि एक अधिवक्ता को केवल एक ही पास जारी किया जाएगा, ताकि व्यवस्था की पारदर्शिता बनी रहे।

ट्रैफिक पुलिस और बार एसोसिएशन की जुगलबंदी

सड़क के एक बड़े हिस्से को घेरने वाले वाहनों के कारण आम जनता और खुद अधिवक्ताओं को होने वाली परेशानी पर सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशांक शेखर त्रिपाठी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह व्यवस्था न केवल वकीलों को सुरक्षित पार्किंग दिलाएगी, बल्कि उन बाहरी तत्वों को भी रोकेगी जो वकीलों के नाम पर अवैध रूप से वहां गाड़ियां पार्क कर सड़क जाम करते थे।

योजना के मुख्य बिंदु:
  • शक्ति से अनुपालन: बिना पास के सड़क पर गाड़ी खड़ी करने वालों के खिलाफ अब सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
  • अधिकारों का संरक्षण: पास धारक वकीलों के लिए कचहरी के समीप एक समर्पित पार्किंग जोन आरक्षित किया गया है।
  • जाम से मुक्ति: सड़क का जो हिस्सा अब तक अवैध स्टैंड बना रहता था, उसे यातायात के लिए पूरी तरह बहाल किया जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस का बार एसोसिएशन को विश्वास में लेकर पास जारी करने का यह 'कोलाबोरेटिव मॉडल' अन्य व्यस्त इलाकों के लिए भी एक नजीर साबित हो सकता है।